Sagar-तेंदुए ने किया कुत्ते का शिकार,हजारों लोगों को सतर्क करने लगाए पोस्टर,वन विभाग बेपरवाह
Sagar के डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में तेंदुआ की सर्चिग कर रही वन विभाग की टीम ने विवि प्रशासन से परिसर की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल और टूटी हुई फेंसिंग ठीक कराने को कहा है। उत्तर वन मंडल के रेंजर ने बताया कि विश्वविद्यालय की बाउंड्रीवॉल , तार फेंसिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। ऐसे में कोई भी जंगली जानवर किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकता है। लिहाजा तार फेंसिंग एवं बाउंड्रीवॉल की मरम्मत कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि हम लगातार सर्चिग कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई नया मूवमेंट नजर नहीं आया है।
हमारीटीमें दिन और रात लगातार सचिंग कर रही हैं। अब डॉग स्क्वाड भी आ गई है। बुधवार रात से ही सर्चिग शुरू कर दी गई है। उधर, विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. राजेंद यादव ने बताया है कि हमारे सभी 125 सुरक्षाकर्मी अलर्ट पर हैं। वे भी अपने स्तर पर निगरानी रखे हुए हैं। फिलहाल हमें तेंदुआ से जुड़ी नई जानकारी नहीं मिली है। आखिरी बार आवासीय परिसर से लगे जंगल की ओर उसे जाते देखा गया था।
बता दें कि 3 दिन पहले आर्यभट्ट हॉस्टल की बहार सबसे पहले तेंदुआ देखा था इसके बाद तीन और अन्य जगहों पर यह दिखाई दिया सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक यहां पर रोजाना 20000 लोगों का आना-जाना होता है जिसमें 14000 स्टूडेंट, डेढ़ हजार शिक्षक और कर्मचारी शामिल है, तेंदुआ का रेस्क्यू करने के लिए सागर वन विभाग के पास संसाधन मौजूद नहीं है इसलिए पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए पत्र लिख रहे हैं बात ही यहां पर बैनर पोस्टर भी लगाए गए हैं जिसमें सभी से सतर्क रहने को कहा गया है
उधर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का कहना है कि तेंदुए का कोई उचित समाधान किया जाना चाहिए ताकि यह भय का माहौल खत्म हो सके