सागर- 2.69 करोड़ कैश, 30 लाख का सोना बरामद, 30 से ज्यादा फर्जी फर्में उजागर, नेटवर्क का पर्दाफाश!


 

मध्य प्रदेश के सागर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बेरोजगार लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खाते खुलवाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपये नकद, करीब 30 लाख रुपये का सोना, नोट गिनने की मशीन और बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की शुरुआत 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में दर्ज शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाकर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया गया है। जांच में सामने आया कि उसके नाम से बनाई गई फर्म के खाते में करीब छह महीने में लगभग 90 लाख रुपये का लेन-देन हुआ था।

 

 

इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया। जांच आगे बढ़ी तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक गिरोह बेरोजगार और सामान्य लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में बनाई जाती थीं और निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। बाद में इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।

 

 

जांच में अब तक 30 से ज्यादा फर्जी फर्मों का पता चला है। इनमें ग्लैमर इंटरप्राइजेस, भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस, सूर्या इंटरप्राइजेस, समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स, कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार इंटरप्राइजेस सहित कई फर्म शामिल हैं। प्रारंभिक वित्तीय जांच में इनसे जुड़े खातों में 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है। पुलिस ने मामले में धर्मेन्द्र नाहर, सोनू दांगी, अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरी, स्वर्णेन्द्र पांडे और रिषभ पटेल समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।

 

 

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका तो नहीं रही। सागर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल या बैंकिंग जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। क्योंकि आपके नाम का बैंक खाता साइबर अपराधियों के लिए इस्तेमाल हुआ, तो आप भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

 

 


By - sagar tv news

19-Aug-2026

YOU MAY ALSO LIKE

POPULAR POSTS

बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप! 39 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, बड़े पैमाने पर तबादले
by sagar tv news , 21-Sep-2026
सागर में जहरीली शराब का कहर, 19 मौ तें, 112 मरीज भर्ती; 10 आरोपी गिरफ्तार | SAGAR TV NEWS |
by sagar tv news , 07-Sep-2026
Sagar-गुरुपूर्णिमा पर जरूर करे ये उपाय, बढ़ेगी बरकत करियर में मिलेगी तरक्की, जानें ज्योतिषाचार्य से
by sagar tv news , 28-Jul-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! उमंग सिंघार की याचिका खारिज
by sagar tv news , 26-Jun-2026
Read More

Sagartvnews subscribe on youtube



NEWSLETTER

सागर टीवी न्यूज़ से सबसे पहले न्यूज़ लेने के लिए अभी अपना ईमेल डालें और सब्सक्राइब करें
Sagar TV News.