सागर के 16 साल के अनीश ने अकेले खोदा 25 फीट गहरा कुआं, जमीन से पानी निकालकर परिवार को दिया तोहफा
कहते हैं, अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत करने का जुनून हो, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। सागर जिले के जैसीनगर क्षेत्र के ग्राम खजुरिया टगरा टोला, सेमरा गोपालमन से 16 साल के अनीश फौजदार की ऐसी ही कहानी सामने आई है, जिसने अपनी मेहनत और जिद से पूरे गांव को हैरान कर दिया। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अनीश ने परिवार की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए अकेले करीब 25 फीट गहरा कुआं खोद डाला। किसान परिवार से आने वाले अनीश ने कुछ समय पहले ठाना कि वह खुद कुआं खोदकर अपने घर के लिए पानी निकालेगा। परिवार ने शुरुआत में इसे सामान्य इच्छा समझा, लेकिन अनीश ने इसे अपनी जिद बना लिया।
न कोई मजदूर, न बड़ी मशीन और न ही परिवार के किसी सदस्य की मदद। अनीश खुद जमीन खोदता, मिट्टी निकालता और कुएं की गहराई बढ़ाता रहा। स्कूल में पढ़ाई के बाद जो समय मिलता, वह उसी समय को खुदाई में लगाता था। जैसे-जैसे कुआं गहरा होता गया, मुश्किलें भी बढ़ती गईं। परिवार के लोगों ने कई बार उसे रोकने की कोशिश की। उन्हें डर था कि इतनी मेहनत के बाद अगर पानी नहीं निकला तो अनीश निराश हो जाएगा और लोग उसका मजाक बनाएंगे। लेकिन अनीश अपनी जिद पर कायम रहा।
करीब एक महीने की लगातार मेहनत के बाद कुएं की गहराई लगभग 25 फीट पहुंची और आखिरकार वह पल आया, जिसका अनीश और उसके परिवार को इंतजार था। जमीन के अंदर से पानी निकल आया। कुएं में पानी देखते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस काम को लेकर अनीश को रोकने की कोशिश की जा रही थी, उसी मेहनत ने परिवार की पानी की समस्या काफी हद तक दूर कर दी।
पानी निकलने के बाद परिवार ने कुएं को कंक्रीट से बंधवा दिया। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ महीने से परिवार इसी कुएं के पानी का इस्तेमाल कर रहा है। अनीश की इस मेहनत की चर्चा अब गांव से बाहर तक हो रही है। आसपास के लोग उसके घर पहुंचकर 25 फीट गहरा कुआं और उसमें निकला पानी देखने पहुंच रहे हैं। अनीश की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उसने महज 16 साल की उम्र में अपने परिवार की जरूरत को समझा और बिना किसी बड़ी मशीन या मजदूर की मदद के इसे पूरा करने का बीड़ा उठाया। 25 फीट जमीन के नीचे से निकला यह पानी सिर्फ एक परिवार के लिए राहत नहीं, बल्कि 16 साल के अनीश की मेहनत, जिद और आत्मविश्वास की कहानी भी है। अनीश ने साबित किया कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन हौसला बड़ा हो तो मुश्किल से मुश्किल काम भी पूरा किया जा सकता है।