ओरछा में पहली बार त्रिदिवसीय श्रीरामलीला उत्सव सम्पन्न, विदेशी पर्यटक भी हुए मंत्रमुग्ध
एमपी के सागर संभाग के निवाड़ी जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुकी रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का भव्य समापन हो गया। बुंदेलखंड की अयोध्या कहलाने वाली इस ऐतिहासिक नगरी में आयोजित रामलीला ने स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों का भी दिल जीत लिया। रामराजा मंदिर परिसर में 13 से 15 अक्टूबर तक चले इस उत्सव में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया।
समापन दिवस पर अहिरावण वध, रावण वध, मेघनाद वध और श्रीराम के राज्याभिषेक के जीवंत दृश्य प्रस्तुत किए गए। मंचन के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध होकर जय श्रीराम के जयघोष करते दिखाई दिए। इस आयोजन को श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास, मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और निवाड़ी जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से आयोजित किया। रामलीला का आलेख रीवा के योगेश त्रिपाठी द्वारा तैयार किया गया, जबकि संगीत संयोजन पटना के सीताराम सिंह ने किया। निर्देशन की कमान संभाली भोपाल के रामचंद्र सिंह ने। पारंपरिक लोक गायन, संवाद शैली और प्रकाश संयोजन ने मंच को जीवंत बना दिया।
दिल्ली से आए कलाकार अर्पित सिंह ठाकुर ने लक्ष्मण का किरदार निभाकर खूब सराहना बटोरी। वहीं सरस ने राम की भूमिका से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सीता के रूप में आयुषी दुबे ने मंच पर अपनी सादगी और भावुकता से प्रभावित किया। कार्यक्रम का संचालन कवि सुमित ओरछा ने संभाला, जबकि सांस्कृतिक विभाग भोपाल के समन्वयक विकास ने आयोजन की रूपरेखा को मजबूती दी। तीन दिनों तक चली इस रामलीला को देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। खास बात यह रही कि विदेशी पर्यटक भी पारंपरिक वेशभूषा, संवाद शैली और सांस्कृतिक प्रस्तुति को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। मंचन के दौरान रामराजा सरकार मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आयोजकों ने घोषणा की कि अगली बार इस आयोजन को और भव्य रूप दिया जाएगा ताकि ओरछा की सांस्कृतिक पहचान विश्व पटल पर और मजबूत हो सके।