कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा! जिपं अध्यक्ष धरने पर बैठीं, कलेक्टर पर गंभीर आरोप
मध्यप्रदेश के रतलाम कलेक्ट्रेट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई अपने पति शंभूलाल के साथ अचानक धरने पर बैठ गईं। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी और देर शाम तक कलेक्ट्रेट परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जिपं अध्यक्ष लाला बाई का आरोप है कि उन्होंने शासकीय कार्यों को लेकर कलेक्टर मीशा सिंह से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें घंटों इंतजार कराया गया। इसके बावजूद कलेक्टर ने उनसे मुलाकात नहीं की और कार्यालय से चली गईं। इसी बात से नाराज होकर लाला बाई अपने पति के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गईं।
धरने की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने के लिए अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर मौके पर पहुंचे और दोनों को समझाने की कोशिश की। करीब एक घंटे तक चली बातचीत और मान-मनौव्वल के बाद जिपं अध्यक्ष और उनके पति धरने से उठने को तैयार हुए। बताया जा रहा है कि अब कलेक्टर ने अगले दिन मिलने का समय दिया है, जिसके बाद मामला फिलहाल शांत हो गया है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने के लिए इस तरह के कदम उठाने पड़ रहे हैं?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी लगातार सामने आ रही है। खास बात यह है कि एक महिला जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए धरने पर बैठना पड़ा, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर और जिपं अध्यक्ष के बीच होने वाली अगली मुलाकात में क्या समाधान निकलता है।