सागर- भक्त ने शरीर पर बोए जवारे! आस्था का अद्भुत संगम! बूढ़ी खेर माई धूमावती बनीं श्रद्धा का केंद्र
मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आस्था का एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। यहां विराजमान बूढ़ी खेर माई धूमावती इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। दूर-दूर से भक्त बड़ी संख्या में माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रतिमा की स्थापना के पीछे एक चमत्कारिक घटना जुड़ी है। एक भक्त को सपने में मां बूढ़ी खेर माई धूमावती ने दर्शन देकर प्रतिमा स्थापित करने का आदेश दिया था। भक्त ने मां के इस आदेश को स्वीकार करते हुए जबलपुर की तर्ज पर बुजुर्ग स्वरूप में माता की भव्य प्रतिमा का निर्माण कराया।
देवरी के छोटी माई दरबार के तत्वावधान में, मुआर रोड पर मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर इस विशेष प्रतिमा की स्थापना की गई है। नवरात्रि के नौ दिनों तक यहां भक्ति और साधना का माहौल बना हुआ है। माता का दरबार जवारे के साथ सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। इस पूरे आयोजन में एक और अनोखी बात सामने आई है। भक्त जगदीश विश्वकर्मा ने मां की भक्ति में लीन होकर अपने शरीर पर ही जवारे बोए हैं और नौ दिनों तक कठिन साधना कर रहे हैं। वे इस दौरान मां नर्मदा का जल ग्रहण कर तपस्या में जुटे हुए हैं। उनकी यह आस्था और समर्पण देखने वालों को भावुक कर रहा है।
प्रतिमा का निर्माण कलाकार नीरज नामदेव द्वारा किया गया है, जिन्होंने मां को एक वृद्ध स्वरूप में प्रस्तुत किया है। यह अनोखा रूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देवरी में यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास को भी दर्शाता है।