चिलचिलाती धूप में दंडवत होकर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु,जवारा जुलूस में हैलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा
चिलचिलाती हुई धूप में भी लोगों की आस्था कम नहीं हुई। श्रद्धालु दंडवत होकर माता के दर्शन करने पहुँच रहे हैं। नज़ारा एमपी के उमरिया जिले में स्थित प्रसिद्द माता बिरासिनी के दरबार का है। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर बिरासिनी धाम में श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी की लोग दर्शन पाने बेहद उत्साहित नज़र आये। यहां के जवारे का जुलूस ऐतिहासिक होता है। जिसको लेकर इस बार और भी भव्य तैयारियां की गयी हैं। नवमी पर निकले जाने वाले जवारा जुलूस में हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। एमपी के उमरिया जिले में स्थित विश्व विख्यात माँ बिरासिनी धाम में अष्टमी के दिन श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। प्राचीन कलचुरी कालीन अष्टभुजी स्वरूप में विराजमान जगत जननी माँ बिरासिनी के दर्शन के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। देश के कोने-कोने से पहुंचे भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ माता के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। जो अष्टमी के दिन चरम पर पहुंच गई। अष्टमी के विशेष मौके पर श्रद्धालु अपने-अपने घरों से पारंपरिक अठमाइन बनाकर माता को अर्पित करने पहुंचे। सुबह 5 बजे से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता को भोग लगाकर कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण बना रहा। बताया गया की 27 मार्च को माँ बिरासिनी का भव्य और ऐतिहासिक जवारा जुलूस निकाला जाएगा। जिसमें काली नृत्य और शैला नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सगरा तालाब में जवारों का विसर्जन होगा। इस बार जवारा जुलूस को और भी भव्य बनाने माँ बिरासिनी सेवा समिति द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई जाएगी। मंदिर परिसर में एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। जहां एक महिला ने अपने बीमार बच्चे के स्वस्थ होने की मनौती माँगी थी। माता की कृपा से बच्चे के स्वस्थ होते ही महिला ने बच्चे के वजन के बराबर फलदान कर अपनी आस्था प्रकट की।--