सागर- राहतगढ़ में TET के खिलाफ शिक्षकों का हुंकार, CM के नाम ज्ञापन, भोपाल में बड़े आंदोलन की चेतावनी
सागर जिले के राहतगढ़ से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां TET परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने राजकुमार कपूर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार राहतगढ़ को सौंपा और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इस दो सूत्रीय ज्ञापन में शिक्षकों ने साफ तौर पर कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा जारी TET परीक्षा संबंधी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए। साथ ही सरकार से यह भी मांग की गई है कि शिक्षकों के पक्ष में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए।
शिक्षकों का कहना है कि TET नियम वर्ष 2009 में लागू हुआ था, जबकि प्रदेश में कई शिक्षक 1995 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पुराने शिक्षकों पर इस नियम को लागू करना पूरी तरह अनुचित और न्याय के विरुद्ध है। उनका तर्क है कि कोई भी नियम लागू होने की तिथि से प्रभावी होता है, न कि पिछली नियुक्तियों पर। इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि अध्यापक शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना वर्ष 2018 के बजाय उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें उनके हक के सभी वैधानिक लाभ मिल सकें।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने यह भी कहा कि यदि उनकी पात्रता पर सवाल उठाए जाते हैं, तो बीते वर्षों में उनसे कराए गए सभी शैक्षणिक कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाएगा। मोर्चा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 18 अप्रैल को भोपाल में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान भी किया गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार शिक्षकों की इस नाराजगी को कैसे संभालती है—क्या मांगें मानी जाएंगी या आंदोलन और उग्र होगा।