सागर की सब्जी मंडी में दुर्गंध से बेहाल व्यापारी, दिखावे का आरोप, स्वच्छता पर सवाल !
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026-27 को लेकर जहां सागर नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं सागर की सब्जी मंडी से सामने आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहां हालात इतने खराब हैं कि लोग बदबू और गंदगी से परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ मुख्य सड़कों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं।
सब्जी मंडी, जो शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण बाजारों में से एक मानी जाती है, आज गंदगी और दुर्गंध का केंद्र बन चुकी है। नालियों में सड़ता कचरा, इधर-उधर फैली गंदगी और उठती बदबू से व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम यहां कभी आती ही नहीं और अगर आती भी है तो केवल मुख्य मार्ग का निरीक्षण कर वापस लौट जाती है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रवि सोनी, पूर्व पार्षद भैयन पटेल, आदिल राइन, शाजिद राइन सहित कई लोग मंडी पहुंचे। उन्होंने मौके पर हालात का जायजा लिया और दुकानदारों से बातचीत की। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि यहां रोजाना गंदगी रहती है, सफाई नाम की कोई व्यवस्था नहीं है...
नेताओं और स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम केवल दिखावे के लिए स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। जहां असल में गंदगी है, वहां जाना और सफाई करना जिम्मेदार अधिकारियों को मंजूर नहीं है। अब सवाल ये उठता है कि क्या स्वच्छता सर्वेक्षण सिर्फ कागजों और मुख्य सड़कों तक ही सीमित रहेगा, या फिर प्रशासन इन जमीनी सच्चाइयों पर भी ध्यान देगा? फिलहाल, मंडी के हालात प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।