कब्र से निकला मासूम का शव, अब खुलेगा मौत का सच! डॉक्टर पर लगे गंभीर आरोप
एमपी के नरसिंहपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 3 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद अब उसका शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में सनसनी फैला दी है और हर किसी के मन में एक ही सवाल है—क्या बच्ची की मौत के पीछे लापरवाही है? दरअसल, 9 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मासूम शुभांशी की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। पिता ने डॉक्टर संदीप पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।
परिजनों के मुताबिक, 5 अप्रैल को शुभांशी को सामान्य बुखार हुआ था, जिसके बाद उसे डॉक्टर संदीप पटेल को दिखाया गया। लेकिन इलाज के बाद बच्ची की हालत बिगड़ती चली गई और उसे गंभीर स्थिति में जबलपुर रेफर करना पड़ा। तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान बच्ची को एक बोतल चढ़ाई गई और 10 से 12 इंजेक्शन लगाए गए, जिससे उसकी हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। इसी के चलते उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना के बाद परिजनों ने बच्ची का अंतिम संस्कार कर उसे झिरना मुक्तिधाम में दफना दिया था। लेकिन कुछ दिनों बाद न्याय की उम्मीद में उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कोर्ट से अनुमति ली गई और प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। पुलिस और राजस्व अधिकारियों की निगरानी में पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अब दूसरी बार होने वाले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही यह साफ हो पाएगा कि मासूम की मौत के पीछे असली वजह क्या थी। फिलहाल, परिजन और प्रशासन दोनों ही रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले का सच सामने लाएगी।