रिटायर्ड फौजियों के बेटों ने की करोड़ों की साइबर ठगी, किराये के खाते कराते थे उपलब्ध, 2 एजेंट गिरफ्तार
पैसों के लालच ने दो रिटायर्ड फौजी के बेटों को अब सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने करोड़ों रूपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले 2 एजेंटों को गिरफ्तार किया है। मामला एमपी के ग्वालियर जिले का है। जहां स्टेट साइबर पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के 2 एजेंटों को गिरफ्तार किया। आरोपी ठगों को म्यूल अकाउंट यानी किराए के बैंक खाते मुहैया कराते थे। पुलिस ने एक आरोपी को बरेली और दूसरे को नेपाल बॉर्डर स्थित खटीमा से धर दबोचा है। दोनों आरोपी सेवानिवृत्त फौजी और वायुसेना कर्मी के इकलौते बेटे हैं।
ग्वालियर साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक पहला आरोपी पुलकित बरेली के इज्जतनगर का रहने वाला है। वह एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी का बेटा है जो खुद नशे और ऑनलाइन सट्टे का आदी है। हनुमान नगर निवासी ठेकेदार संजय सिंह चौहान से हुई 90 लाख रुपए की ठगी में पुलकित की अहम भूमिका सामने आई। ठगों ने संजय से जो रकम वसूली, उसकी पहली लेयर के 4 लाख 50 हजार रुपए सीधे पुलकित के खाते में ट्रांसफर हुए थे।
वहीं दूसरा आरोपी धीरज है, जिसे नेपाल बॉर्डर से सटे खटीमा से पकड़ा गया है। धीरज भी एक रिटायर्ड फौजी का इकलौता बेटा है। डीडी नगर निवासी मुकेश गुप्ता से 75 लाख रुपए की ठगी के मामले में धीरज के बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ था। पूछताछ में धीरज ने बताया कि उसके दोस्त वैभव ने हाथ खर्च दिलाने का लालच देकर उसका खाता खुलवाया और एटीएम-चेकबुक अपने पास रख ली। धीरज के खाते में ठगी के 3 लाख 68 हजार रुपए आए थे। जिसमें से पुलिस ने 3 लाख 50 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों ने कबूला किया कि वे प्रति खाता 5 से 10 हजार रुपए कमीशन लेते थे। कुछ मामलों में ट्रांजेक्शन का 2 से 3 प्रतिशत हिस्सा भी मिलता था।
साइबर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ठग सोशल मीडिया पर फर्जी शेयर ट्रेडिंग ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ते हैं। पहले छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद बड़ी रकम निवेश कराकर गायब हो जाते हैं। रकम म्यूल खातों में घुमाकर क्रिप्टो या विदेशी खातों में भेज दी जाती है। ग्वालियर में पिछले तीन महीने में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल म्यूल खाते मुहैया कराने वाले दो एजेंटों को पकड़े जाने के बाद पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आए हैं। टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द इस रैकेट के मुख्य सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।