नकली घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा, पशुओं की चर्बी समेत संदिग्ध सामग्री जप्त !
जिला प्रशासन की टीम ने जब एक घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा तो टीम नज़ारा देखकर दंग रह गयी। यहां कोई असली नहीं बल्कि नकली घी बनाया जा रहा था वह भी पशुओं की चर्बी से तैयार किया जा रहा था। जिसे बाज़ार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। एमपी के खंडवा जिले के इमलीपुरा क्षेत्र में बड़ी कार्यवाई करते हुए प्रशासन ने कथित नकली घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा।
बताया गया की टीम को लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इस दौरान मौके से बड़ी मात्रा में चर्बी से बना लिक्विड, तैयार घी और कच्चा माल जब्त किया गया है। प्रशासन को आशंका है कि यह अवैध कारोबार काफी समय से संचालित हो रहा था। इसका नेटवर्क स्थानीय बाजार तक फैला हो सकता है। मौके से कुल 79 डिब्बे बरामद किए हैं। जिनमें हर डिब्बे में करीब 30 किलो संदिग्ध सामग्री भरी हुई थी। इसके अलावा 200-200 किलो के 9 बड़े ड्रम भी जब्त किए गए हैं। जिनमें पशुओं की चर्बी भरी हुई थी। प्रशासन ने फैक्ट्री में मौजूद सभी उपकरणों, कच्चे माल और तैयार उत्पादों को जांच के दायरे में लिया है। पशु विभाग की टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठे किये हैं। जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि अनवर कुरैशी के मकान में अवैध कार्य किया जा रहा है। जहां पशुओं की खाल, हड्डियों और चर्बी को पकाकर किसी खाद्य पदार्थ के निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट, पशु विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। पशु विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए ड्रमों में रखी सामग्री प्रथम दृष्टया पशुओं की चर्बी प्रतीत हो रही है। हालांकि यह साफ़ तौर से नहीं कहा जा सकता कि इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ़ हो पाएगी।
पुलिस ने मकान मालिक अनवर कुरैशी को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं प्रशासन को ऐसी आशंका है कि इस फैक्ट्री में तैयार किया गया नकली घी लंबे समय से बाजार में खपाया जा रहा था।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है।