ओवरलोड ट्रैक्टर फं सा, 2 घंटे जाम, प्रशासन नदारद, चंबल के पांटून पुल पर बड़ा खतरा
एमपी के मुरैना में चंबल नदी पर बने उसैद घाट के पांटून पुल से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी हो रही है। अस्थायी और संकरी संरचना वाले इस पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही ने बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। ताजा मामला तब सामने आया, जब भूसे से भरा एक ओवरलोड ट्रैक्टर पुल के बीचों-बीच फंस गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब 2 घंटे तक सैकड़ों लोग जाम में फंसे रहे। इस दौरान हर पल हादसे का डर बना रहा, क्योंकि पांटून पुल की क्षमता सीमित है और हल्की सी चूक भी बड़ा हादसा कर सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल की अधिकतम भार क्षमता करीब 4 टन है, लेकिन इसके बावजूद भारी और ओवरलोड वाहन लगातार गुजर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शाम के बाद भी, जब ऐसे पुलों पर आवागमन प्रतिबंधित रहता है, तब भी नियमों को नजरअंदाज कर वाहनों की आवाजाही जारी रहती है।सबसे गंभीर बात यह रही कि इतने बड़े जाम और जोखिम भरी स्थिति के बावजूद मौके पर न तो पुलिस मौजूद थी और न ही किसी प्रकार की निगरानी व्यवस्था। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जाम में फंसे लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार करना पड़ा। कई लोग घंटों तक वहीं खड़े रहे, लेकिन मदद के लिए कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा।ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पांटून पुल पर तत्काल निगरानी बढ़ाई जाए, ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई जाए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह घटना साफ संकेत देती है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।