2 लाख की रिश्वत लेते धरा गया उपयंत्री,1 अन्य पर भी मामला दर्ज, लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा
लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाई को अंजाम देते हुए नगर परिषद् के उपयंत्री को दो लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आवेदक से 5 लाख रुपयों की मांग की जा रही थी। जैसे ही उसने दो लाख रूपये की रकम दी। घात लगाए बैठी टीम ने छापा मार दिया। कार्यवाई रायसेन जिले में की गयी। जहां उदयपुरा नगर परिषद् के उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को रिश्वत के साथ में पकड़ा गया। इसके अलावा सहायक ग्रेड 3 शंकर साहू की भूमिका भी इसमें शामिल रही टीम ने उस पर भी मामला दर्ज किया है।
बताया जा रहा है की भोपाल 6 नंबर स्टॉप पर मंगलवार शाम के समय कार्यवाई को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है की ठेकेदार जयंत चतुर्वेदी से रिश्वत की मांग की गयी थी। जानकारी के मुताबिक सीसी सड़क निर्माण पूरा होने के बाद भी सिक्युरिटी राशि और अनुभव प्रमाण पत्र देने के एवज में रुपयों की डिमांड की गयी थी।
नवीन बिल्डकॉम फर्म के संचालक आवेदक जयंत चतुर्वेदी ने उदयपुरा क्षेत्र में बस स्टैंड और मेन रोड का सी.सी. निर्माण कार्य पूरा किया था। काम पूरा होने के बावजूद उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) और अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे थे। आरोप है कि इसके एवज में 5 लाख की रिश्वत मांगी जा रही थी। परेशान होकर आवेदक ने भोपाल लोकायुक्त से शिकायत की थी। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने रणनीति बनाकर 28 अप्रैल को भोपाल के 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर के पास ट्रैप लगाया। जैसे ही उपयंत्री दीपांशु पटेरिया ने 2 लाख की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में सहायक ग्रेड 3 शंकर साहू की भूमिका भी रही। उसके खिलाफ भी लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया है।