कलेक्टर का छापा,अस्पताल में गंदगी और बंद ओटी पर भड़कीं! और फिर
एमपी के मैहर जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने अचानक औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचीं कलेक्टर ने जैसे ही हालात देखे, तो व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले कलेक्टर ने रसोईघर और मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जांची। यहां उन्हें कई खामियां मिलीं। खाना न तो तय मानकों पर था और न ही स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा था। इस पर कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और साफ कहा कि मरीजों की सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद जब वे अस्पताल परिसर में पहुंचीं तो सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब मिली। कई जगह गंदगी का अंबार था और सुरक्षा गार्ड तक मौके पर मौजूद नहीं मिले। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सबसे बड़ी चिंता की बात तब सामने आई, जब ऑपरेशन थिएटर (OT) बंद मिला। बताया गया कि पिछले एक महीने से निर्माण कार्य के चलते ओटी बंद है, जिसके कारण सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो पा रही और गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को सख्त चेतावनी देते हुए 5 से 6 दिनों के भीतर ओटी चालू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रसूति वार्ड में एक महिला द्वारा पांचवीं संतान को जन्म देने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे स्वास्थ्य अमले की जागरूकता की कमी बताया और “छोटा परिवार, सुखी परिवार” का संदेश देते हुए जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अस्पताल में भोजन और सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और अब देखना होगा कि कलेक्टर के निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है।