सागर- 20 दिन में गोचर भूमि खाली नहीं हुई तो फूंका जाएगा मंत्री का पुतला, गोसेवकों का प्रशासन को अल्टीमेटम
सागर जिले में गोचर भूमि पर कथित अवैध कब्जों को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। गोसेवकों और हिंदू संगठनों ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 20 दिनों के भीतर गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन मंत्री का पुतला दहन करेंगे। इस संबंध में गोसेवकों ने अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम सागर जिला कलेक्टर के नाम से खुरई-बीना में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों में अब तक 156 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद गोमाता की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गोसेवकों का आरोप है कि बीना, खुरई, मालथौन, बंडा, राहतगढ़ और अन्य क्षेत्रों में गोचर भूमि पर बड़े स्तर पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। खासतौर पर देवल गो अभ्यारण की करीब 3614 एकड़ आरक्षित भूमि पर भी कब्जे होने का दावा किया गया है। संगठनों का कहना है कि कई बार अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिए, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की बात कही, लेकिन हर बार मामला सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। आरोप लगाया गया कि केवल गरीबों के छोटे अतिक्रमण हटाकर कार्रवाई का दिखावा किया गया, जबकि प्रभावशाली लोगों के कब्जों पर प्रशासन मौन बना हुआ है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री की उस घोषणा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें पूरे मध्यप्रदेश में गौशाला और गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। गोसेवकों ने कहा कि वर्तमान समय सीमांकन और कार्रवाई के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि खेत खाली हैं। संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 20 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे और पशुपालन मंत्री का पुतला दहन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।