सागर- शाहगढ़ में एक्शन मोड में दिखीं कलेक्टर प्रतिभा पाल, मंडी से अस्पताल तक व्यवस्थाओं की ली क्लास
सागर जिले के शाहगढ़ में मंगलवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आईं। किसानों की समस्या हो, अस्पताल की व्यवस्थाएं हों या कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य… कलेक्टर ने हर विभाग की जमीनी हकीकत खुद जाकर देखी और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर ने कृषि मंडी शाहगढ़ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया, जहां गेहूं खरीदी व्यवस्था की पड़ताल की गई। उन्होंने तौल कांटों की संख्या बढ़ाने, हर बोरी पर किसान कोड अंकित करने और तुलाई प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के निर्देश दिए। बारिश की आशंका को देखते हुए अनाज को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित रखने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के आदेश भी दिए गए। कलेक्टर ने साफ कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके बाद कलेक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगढ़ पहुंचीं, जहां डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा सक्रिय रखने और मरीजों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए। प्रसव कक्ष, दवा वितरण केंद्र और शौचालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अस्पताल परिसर में लगातार सफाई बनाए रखने पर जोर दिया।
वहीं पोषण पुनर्वास केंद्र में कलेक्टर का संवेदनशील चेहरा भी देखने को मिला। उन्होंने कुपोषित बच्चों और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनका हाल जाना। बच्चों के नियमित फॉलो-अप और घर-घर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक बच्ची को बैट-बॉल और चॉकलेट देकर दुलार भी किया। केंद्र परिसर में आंवला और मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश भी दिए गए।
उधर विशेष जनसुनवाई में अनुपस्थित रहने वाले दो अधिकारियों पर भी कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई की। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित शिटोले और एमपीईबी के कार्यपालन यंत्री मयंक मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। शाहगढ़ दौरे के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल का सख्त और संवेदनशील दोनों रूप देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।