शिप्रा में बहने लगी नर्मदा की धार ! शनि जयंती से पहले उज्जैन में आस्था का महासंगम
एमपी की धर्म नगरी उज्जैन में एक बार फिर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिलने वाला है। शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या से पहले शिप्रा नदी में नर्मदा का पवित्र जल पहुंचना शुरू हो गया है। त्रिवेणी घाटों पर तैयारियां तेज हैं और प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए हर व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुट गया है। 16 मई को होने वाले शाही स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने 9 मई से ही नागफनी पाइपलाइन के जरिए नर्मदा का जल शिप्रा नदी में छोड़ना शुरू कर दिया है। फिलहाल त्रिवेणी घाटों पर जलभराव का काम जारी है, ताकि लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर सकें।
प्रशासन का दावा है कि यही जल आगे रामघाट तक भी पहुंचाया जाएगा। 25 मई को गंगादशमी और शिप्रा तीर्थ परिक्रमा को देखते हुए विशेष योजना बनाई गई है। हालांकि, नदी क्षेत्र में कई जगह पुल-पुलिया और घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए जलस्तर को नियंत्रित तरीके से बढ़ाया जा रहा है। निर्माण कार्य को नुकसान न पहुंचे और श्रद्धालुओं को पर्याप्त जल मिल सके, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
भीषण गर्मी और सूखी नदी की जमीन के कारण पानी की रफ्तार धीमी पड़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक पानी को रामघाट तक पहुंचने में करीब चार से पांच दिन का समय लग सकता है क्योंकि सूखी धरती काफी पानी सोख रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए त्रिवेणी घाट पर फव्वारों और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। पीएचई और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आस्था, परंपरा और भक्ति के इस महापर्व से पहले उज्जैन पूरी तरह सजने लगा है। शिप्रा में बहती नर्मदा की धार अब श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार दिखाई दे रही है।