सागर- ई-स्कूटर पर निकले निगमायुक्त, तैयारियों का लिया जायजा, सागर को नंबर-1 बनाने का संकल्प
सागर शहर को स्वच्छता में देशभर में अव्वल बनाने के लिए नगर निगम अब पूरी ताकत से मैदान में उतर चुका है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों के तहत निगमायुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने बुधवार को खुद इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाकर शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निगमायुक्त ने निरीक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के इंजीनियर, जोन प्रभारी, सफाई दरोगा और सफाई मित्र ई-रिक्शा के माध्यम से निरीक्षण में शामिल हुए।
निगमायुक्त ने लक्ष्मीपुरा, पुरव्याऊ, काकागंज और पंतनगर वार्डों का दौरा करते हुए सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने महलवार देवी मंदिर के पास बने मॉर्डन जन सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया और वहां पानी, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता को खुद परखा। इसके बाद निगमायुक्त छोटी झील किनारे निर्माणाधीन घाट पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह घाट शहर का बड़ा आकर्षण बनेगा और कबाड़ से जुगाड़ के तहत बनाई जा रही कलाकृतियां शहर की नई पहचान बन रही हैं। यहां पुराने इलेक्ट्रिक पोल, टीन और स्क्रैप सामग्री से बनाई गई विशाल गदा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
काकागंज पानी टंकी स्थित नगर निगम स्टोर शाखा में निगमायुक्त ने 48 वार्डों की स्वच्छता तैयारियों की समीक्षा बैठक भी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि डस्टबिन, शौचालय, नाले-नालियों की सफाई, गीला-सूखा कचरा पृथक्करण और स्वच्छता ब्रांडिंग जैसे सभी कार्य युद्ध स्तर पर पूरे किए जाएं। निगमायुक्त ने कहा कि सागर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता फीडबैक देने और शहर को सुंदर बनाने में सहयोग की अपील की।