मंत्री के काफिले पर उठे सवाल! PM की अपील और CM की सादगी पर भारी पड़ा VIP कल्चर
एमपी के सागर संभाग के दमोह में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार का दौरा अब चर्चा और विवाद दोनों का विषय बन गया है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाकर सादगी का संदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ दमोह में प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान VIP कल्चर खुलकर दिखाई दिया। जानकारी के मुताबिक, कलेक्ट्रेट से निकलते समय मंत्री के काफिले में करीब 15 वाहन दौड़ते नजर आए। वहीं सर्किट हाउस पहुंचते-पहुंचते यह संख्या 40 के पार बताई गई। बड़ी संख्या में गाड़ियों का यह काफिला शहर में चर्चा का विषय बन गया।
जब पत्रकारों ने इस फिजूलखर्ची और बड़े काफिले को लेकर सवाल पूछे, तो प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार कुछ नाराज नजर आए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके पास केवल दो वाहन थे, बाकी गाड़ियां अन्य मंत्रियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं की थीं। हालांकि मंत्री के इस जवाब के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। दरअसल, मंत्री दमोह में विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे। बैठक के दौरान उन्होंने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं और जल जीवन मिशन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को धीमी गति से चल रहे कामों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
लेकिन मंत्री के दौरे के दौरान एक और अव्यवस्था सामने आई। भीषण गर्मी के बीच सर्किट हाउस में बुनियादी व्यवस्थाएं तक नजर नहीं आईं। वहां ना ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही अन्य जरूरी सुविधाएं। इस कारण मंत्री सहित पत्रकार भी असहज नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर VIP कल्चर और सरकारी फिजूलखर्ची पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर ईंधन बचाने और सादगी की अपील सिर्फ आम लोगों के लिए ही क्यों दिखाई देती है। इस दौरान मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह, विधायक उमादेवी खटीक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।