पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा 5 पहुंचा ! NSA के तहत कार्रवाई, CM मोहन यादव पहुंचे अस्पताल
एमपी के देवास जिले के टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 5 हो गया है। पहले धीरज, सुमित और सन्नी की मौत हुई थी, वहीं अमलतास अस्पताल में भर्ती दो गंभीर घायल मजदूर अमर और गुड्डू ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों मजदूर धमाके में करीब 99 प्रतिशत तक झुलस गए थे। बताया जा रहा है कि मृतकों में 4 मजदूर बिहार और एक उत्तर प्रदेश का निवासी था। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय और बिहार निवासी मैनेजर एजाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन ने फैक्ट्री को सीमित मात्रा में बारूद और पटाखा स्टॉक रखने की अनुमति दी थी, लेकिन मौके से टनों में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इतना ही नहीं, फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो चुका था और 6 मई को रिन्यू हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या करीब एक महीने तक फैक्ट्री का अवैध संचालन किया जाता रहा? मामले में टोंकखुर्द थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। वहीं दो अन्य आरोपी—मैनेजर महेश और ठेकेदार भूपेंद्र—अब भी फरार बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार से सैकड़ों मजदूरों को फैक्ट्री में काम करने के लिए लाया गया था, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे।
इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद देवास पहुंचे और अमलतास अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हादसों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद कर रही है। कांग्रेस पर साधा जमकर निशाना बोले CM - कांग्रेस को लाशों पर राजनीति नही करना चाहिए,सरकार दोषियों को छोड़ती नही है हमारा अपना काम करने का तरीका माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में घटनाओं को गम्भीरता के साथ लेना,त्वरित गति से गम्भीर घायलों को ईलाज के लिए यथायोग्य प्रयास किये गये,जिनकी दुःखद मृत्यु हुई है,उनके परिजनों से सम्पर्क करते हुए,उनको जिस प्रकार से भी हेल्प कर सकते है,वो सब करने का प्रयास सरकार कर रही है।