Sagar- रहली में अस्थमा पर बड़ा जागरूकता अभियान ! बढ़ते प्रदूषण के बीच IMA सागर ने लोगों को किया अलर्ट
बढ़ते प्रदूषण और बदलते वातावरण के बीच अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। इसी को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए सागर शाखा और स्वास्थ्य विभाग सागर के संयुक्त तत्वावधान में रहली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष अस्थमा जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को अस्थमा के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि बढ़ता वायु प्रदूषण, धूल और वातावरण में मौजूद हानिकारक कण अस्थमा के मामलों में तेजी से वृद्धि कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सही तरीके से और नियमित इनहेलर का उपयोग करने से अस्थमा अटैक का खतरा करीब 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। डॉ. तल्हा साद ने लोगों के बीच फैली उस गलतफहमी को भी दूर किया, जिसमें माना जाता है कि इनहेलर की आदत पड़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इनहेलर पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी उपचार पद्धति है और इसके दुष्प्रभाव भी बेहद कम होते हैं।
उन्होंने बताया कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, लगातार खांसी और घरघराहट अस्थमा के प्रमुख लक्षण हैं। विश्व स्तर पर करीब 262 मिलियन लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं और हर साल लाखों लोगों की मौत अस्थमा के कारण होती है। कार्यक्रम में इनहेलर और नेब्युलाइजर के सही उपयोग का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया गया, जिससे मरीजों और आम लोगों को व्यावहारिक जानकारी मिल सकी। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले नर्सिंग स्टाफ, ओटी टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. बसंत नेमा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।