पानी के लिए मची त्राहि,दूषित पानी पीने को मजबूर लोग, कलेक्टर निवास के बाहर पहुंचे बर्तन लेकर !
इन दिनों पड़ने वाली भीषण गर्मी की वजह से हाल बेहाल नज़र आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अब लोगों को बूंद-बूंद पानी को भी तरसना पड़ रहा है। आलम ये है की लोगों को मजबूरी में गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जहां जल संसाधन विभाग ये दावा कर रहा है की गांव में पर्याप्त पानी है तो जमीनी हकीकत इसके बिलकुल उलट है इसी को लेकर एमपी के मऊगंज जिले में ग्रामीण खाली डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुँच गए। दरअसल प्रशासन से परेशान होकर ग्रामीण करीब 55 किलोमीटर दूर खाली डिब्बे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के न मिलने पर ग्रामीण उनके निवास के बाहर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से आवेदन लिया।
मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत हाटा के कोढबा और जिल्की टोला में पानी का गंभीर संकट सामने आया है। भीषण गर्मी में कई परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। बताया गया की जिल्की टोला में लोग पिछले 30 सालों से नदी किनारे गड्ढा खोदकर मटमैला पानी पीने मजबूर हैं। हालात ये हैं की इंसान और जानवर इसी पानी को पीते हैं। वहीं कोढबा टोला में हालात और बदतर हैं। यहां करीब दो दर्जन परिवार एक खराब हैंडपंप के सहारे हैं। ग्रामीणों की माने तो चार घंटे इंतजार के बाद सिर्फ 8 बाल्टी पानी निकलता है।
पानी भरने सुबह 4 बजे से लाइन लग जाती है। ग्रामीणों का आरोप है की पीएचई विभाग ने बिना सही जांच किए रिपोर्ट तैयार कर दी। सरकारी रिकॉर्ड में गांव में पर्याप्त पानी और जल जीवन मिशन के तहत काम जारी होने की बात कही गई। बोरवेल में आज तक मोटर ही नहीं लगाई गई। इन सब समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। साथ ही कई आरोप भी लगाए। जिम्मेदार लोगों द्वारा ध्यान न दिए जाने की बात भी कही।------ अब देखना दिलचस्प होगा की प्रशासन क्या ठोस कार्यवाई कार्यवाई करता है।------