सागर-कामचोर ठेकेदारों पर मंत्री का बड़ा एक्शन! बोले काम नहीं किया तो होंगे ब्लैकलिस्ट SAGAR TV NEWS
सागर में पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का बेहद सख्त और आक्रामक अंदाज देखने को मिला। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जनता को पानी देने के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो ठेकेदार काम नहीं कर रहे या अधूरे काम छोड़कर बैठे हैं, उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम की योजनाओं की एक-एक कर गहन समीक्षा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने पाइपलाइन नहीं बिछने, पानी सप्लाई बाधित होने और ठेकेदारों की मनमानी की शिकायतें रखीं, जिस पर मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अब दफ्तरों में बैठकर काम नहीं चलेगा। इंजीनियर और अधिकारी खुद फील्ड में जाएं और ठेकेदारों से काम करवाएं। उन्होंने बिजली विभाग और पीएचई अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली की कमी या तकनीकी खराबी के कारण कोई भी नल-जल योजना बंद नहीं होनी चाहिए। बैठक में एनएचएआई सड़क निर्माण कार्य को लेकर भी मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन तोड़ दी गई, जिससे राहतगढ़ विकासखंड के 40 से 50 गांवों में पानी का संकट पैदा हो गया। मंत्री ने एक सप्ताह के भीतर पाइपलाइन सुधारने के निर्देश दिए।
मंत्री राजपूत ने साफ कहा कि जहां पाइपलाइन लीकेज है, वहां युद्ध स्तर पर मरम्मत हो। पानी की टंकियों की सफाई और वॉटरप्रूफिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों को सौंपी गई योजनाओं के संचालन के लिए वाल्व ऑपरेटर्स को तकनीकी प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिन बाद फिर समीक्षा बैठक होगी और यदि काम में प्रगति नहीं मिली तो ठेकेदारों के साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जाए।