सागर अभयारण्य से रोमांचक तस्वीरें! कैमरे में कैद हुई दुर्लभ सेई, शावकों को पीठ पर लादे दिखी मादा भालू
सागर के नवगठित डॉ. भीमराव आंबेडकर अभयारण्य से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक तस्वीरें सामने आई हैं। जंगल में लगाए गए कैमरा ट्रैप में कई दुर्लभ वन्यजीवों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा एक दुर्लभ “सेई” और अपने शावकों को पीठ पर बैठाकर घूमती मादा भालू की हो रही है।
वन विभाग द्वारा अभयारण्य क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों और जंगल की जैव विविधता पर नजर रखी जा सके। हाल ही में कैमरों में कैद हुए वीडियो और तस्वीरों ने यह साबित कर दिया है कि सागर का यह जंगल अब वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और समृद्ध आवास बनता जा रहा है।
कैमरा ट्रैप में एक दुर्लभ “सेई” दिखाई दी है। कांटों से ढका यह शर्मीला जीव बेहद कम नजर आता है और आमतौर पर इंसानी गतिविधियों से दूर रहना पसंद करता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जंगल में सेई की मौजूदगी वहां के स्वस्थ इको सिस्टम का संकेत मानी जाती है। लंबे समय बाद इसकी साफ तस्वीरें सामने आने से वन विभाग भी उत्साहित है।
वहीं दूसरा दृश्य लोगों का दिल जीत रहा है। कैमरे में एक मादा भालू अपने दो छोटे शावकों को पीठ पर बैठाकर जंगल में घूमती नजर आई। विशेषज्ञों के मुताबिक यह दृश्य भालुओं में मातृत्व और सुरक्षा की भावना को दर्शाता है। खतरे के समय छोटे शावक मां की पीठ पर चढ़ जाते हैं और मादा भालू उन्हें सुरक्षित स्थान तक ले जाती है।
इसी जंगल में तेंदुए की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। एक वीडियो में तेंदुआ बंदर का शिकार करता दिखाई दिया, जो जंगल के संतुलित इको सिस्टम की ओर इशारा करता है।
वन विभाग का कहना है कि यदि संरक्षण कार्य इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले समय में डॉ. भीमराव आंबेडकर अभयारण्य प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।