सागर-चाचा-भतीजे ने मिलकर दबाया गला, पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया मर्डर केस, सरकारी जमीन के विवाद में हत्या !
सागर जिले के बीना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां सरकारी जमीन के विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। आगासौद थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए हत्या के पीछे का पूरा सच उजागर कर दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जमीन के विवाद को लेकर चाचा और भतीजे ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। मामला आगासौद थाना क्षेत्र के देहरी गांव का है। 28 मई की रात गांव के कोटवार गोविंद चढ़ार के भाई कल्लू चढ़ार का शव सेमरखेड़ी रोड स्थित एक बगीचे में संदिग्ध हालत में मिला था। शव मिलने की खबर से पूरे गांव में हड़कंप मच गया था। अगले दिन पोस्टमार्टम के लिए शव बीना अस्पताल पहुंचा तो परिजनों ने विश्वनाथ सिंह ठाकुर और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस ने जब मामले की गंभीरता से जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान मिले थे और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हो गया कि मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि गला दबाने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। आगासौद थाना प्रभारी नितिन पाल के अनुसार, कल्लू चढ़ार का परिवार वर्षों से करीब 40 डिसमिल सरकारी जमीन पर काबिज था। कुछ साल पहले इसी जमीन को लेकर विश्वनाथ सिंह से विवाद शुरू हुआ था। बाद में समझौते के तहत 20 डिसमिल जमीन कल्लू चढ़ार को वापस मिली थी। हाल ही में कल्लू ने उस जमीन पर पशुओं के लिए एक कच्चा टपरा बना लिया था, जिससे आरोपी नाराज था।
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन पर दोबारा कब्जा करने की नीयत से विश्वनाथ सिंह ने अपने भतीजे के साथ मिलकर पहले कल्लू चढ़ार की बेरहमी से पिटाई की और फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह मामला एक बार फिर बताता है कि जमीन विवाद किस तरह खूनी संघर्ष का रूप ले सकता है।