दहेज़ के लिए डॉक्टर पति ने एडवोकेट पत्नी का किया मर्डर, परिजनों के गंभीर आरोप,हाईकोर्ट से उम्मीद !
इन दिनों राजधानी भोपाल स्थित ट्विशा शर्मा की जान जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है की अब इसी तरह का एक और मामला सुर्ख़ियों में आ गया है जहां एक डॉक्टर पति पर दहेज़ के लिए एडवोकेट पत्नी के मर्डर करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। मामला जबलपुर का है। इस मामले में युवती के परिजनों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी जहां से जल्द ही न्याय की उम्मीद भी जताई जा रही है।
दरअसल यह पूरी घटना बीते साल 2025 की है जहां गोराबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मिलिट्री हॉस्पिटल में पदस्थ डॉक्टर ओम नागार्जुन और एडवोकेट कविता की शादी मार्च में हुई थी। लेकिन तीन महीने बाद 10 जून को कविता की जान चली गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कविता बाथरूम में गिर गई थी। जिसके बाद पति नागार्जुन उसे कार में लेकर दो घंटे बाद पास के मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचा। जबकि जैक आरसी से अस्पताल की दूरी महज 5 से 10 मिनट की है। वहां पहुंचने पर डॉक्टर्स ने जांच के दौरान कविता को मृत घोषित कर चुके थे।
इसके बाद उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। जहां सिर में चोटों का जिक्र तो किया गया। लेकिन कार्डियक अरेस्ट को जान जाने की वजह बताया गया। इसके बाद कविता के परिजनों को जानकारी दी गई। परिवार चेन्नई से जबलपुर पहुंचा। कविता के पिता दक्षिणामूर्ति ने पति नागार्जुन पर संदेह जाहिर किया और गोराबाजार पुलिस थाने में FIR दर्ज करने और जांच करने आवेदन दिया। लेकिन पुलिस ने आज तक FIR दर्ज नहीं की। बल्कि परिजनों को पीएम रिपोर्ट का हवाला देते हुए FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद परिजनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शादी के पहले से लेकर बाद तक दहेज़ के लिए प्रताड़ित करने सारे सबूत भी रखे गए। कविता के परिवार के वकील वकील मनीष वर्मा के मुताबिक कविता के पति ओम नागार्जुन ने शादी के पहले करीब 55 लाख रुपए कीमत की कार की डिमांड की थी। लेकिन लड़की पक्ष ने XUV 700 कार, 100 तोला सोना और पूरा गृहस्थी का सामान दहेज में दिया था। शादी के बाद नागार्जुन ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने 50 लाख की डिमांड की,वहीं उसके पिता ने 2 करोड़ के लिए दबाव बनाया।
मांग पूरी न करने पर ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। परिजनों का आरोप है की दामाद नागार्जुन ने डॉक्टर होने का फायदा उठाते हुए पीएम रिपोर्ट तक बदलवा दी। कविता का परिवार तामिलनाडू में फिल्म प्रोडक्शन के बिजनेस से जुड़ा है कविता खुद हाईकोर्ट में एडवोकेट थी। जबकि पति मिलिट्री हॉस्पिटल में डॉक्टर और ससुर रिटायर्ड कर्नल थे। अब इस मामले में हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई हो सकती है। वहीं कविता के परिजनों ने हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद जताई है।