Sagar-अभी गर्मी दिखाएगी तेवर, मध्य माह के बाद मानसून की फुहारों से बदल जाएगा मौसम
सागर शहर का मौसम जून के रंग में ढलने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जून सागर की जलवायु का सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है क्योंकि इसी माह मानसून का आगमन होता है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों और सक्रिय प्री-मानसून सिस्टमों को देखते हुए इस बार 15 से 25 जून के बीच मानसून के सागर पहुंचने की संभावना है। हालांकि माह के शुरुआती 10 से 12 दिनों तक लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
जून का पहला पखवाड़ा अक्सर मानसून से पहले की गर्मी के लिए जाना जाता है। कई बार मानसून आने से ठीक पहले तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिसे मानसून की दस्तक का संकेत माना जाता है। इसके बाद वातावरण में तेजी से बदलाव आता है और तापमान गिरने लगता है। लिहाजा शुरुआती दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहेगा, लेकिन शाम के समय बादल, आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विदर्भ क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से बढ़ती नमी के कारण 5 जून के बाद शहर में इस सीजन की पहली प्रभावी प्री-मानसून बारिश होने की संभावना है।
जून माह के मौसम से जुड़े कई रिकॉर्ड हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार 4 जून 2019 को 47 डिग्री के साथ जून का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया था। वहीं 20 जून 1966 को न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री तक गिर गया था। वर्ष 1894 में जून महीने में सर्वाधिक 639.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जबकि 24 जून 1890 को 24 घंटे में 235.5 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। कुल मिलाकर महीने की शुरुआत गर्मी और उमस के साथ होगी। लेकिन मध्य जून के बाद मानसून की फुहारें राहत लेकर आएंगी और शहर का मौसम पूरी तरह बदल जाएगा।