धन्य है सरकारी सिस्टम,सवा करोड़ की SDM बिल्डिंग में दरारें ही दरारें,साल भर में खुली निर्माण की पोल !
धन्य है सरकारी सिस्टम, धन्य हैं निर्माण कार्य करने वाले और धन्य हैं ऐसे जिम्मेदार जो शायद आँखों पर पट्टी बांधकर निरीक्षण करते हैं। अब आप सोच रहे होंगे की आखिर हम ऐसा क्यों कह रहे हैं तो चलिए पहले आपको ये तस्वीरें दिखाते हैं और फिर बताते हैं की आखिर ये कारनामा क्या है और कहां से सामने आया है। आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें SDM बिल्डिंग की हैं। जिसे एक करोड़ 31 लाख की लगत से तैयार किया गया था। जो एमपी के हरदा जिले में बनाई गई थी। इसे बनाये हुए कोई बहुत ज्यादा समय नहीं बीता है बल्कि महज एक साल ही हुआ है लेकिन साल भर बाद ही इसमें जगह-जगह दरारें आ गयी हैं।
एक करोड़ 31 लाख रूपये की कीमत से बनने वाली इस बिल्डिंग के निर्माण की पोल खुल गयी है। जिसे देखने के बाद ये कहना गलत नहीं होगा की ये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। साथ ही दरारें बढ़ने से खतरा भी बढ़ गया है। इस बिल्डिंग में 6 से 8 इंच तक की दरारे हैं। फ़िलहाल मामले में कलेक्टर ने कार्यवाई की बात कही है।
बताया जा रहा है की हरदा जिला मुख्यालय की तवा कॉलोनी में करीब 12 महीने पहले नया एसडीएम कार्यालय भवन शुरू हुआ था। जो अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। साथ ही हादसे की आशंका भी बनी हुई है। भवन के दोनों किनारों और पिछले हिस्से में स्ट्रक्चरल जोड़ खुल गए हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति बेसमेंट और ऊपरी हिस्से के बीच बढ़ते गैप की है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति नींव धंसने या निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का संकेत हो सकती है।
बताया गया की इस भवन का भूमिपूजन 19 अप्रैल 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य की निगरानी का जिम्मा पीआईयू को सौंपा गया था। लेकिन अब गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने पीआईयू के माध्यम से ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई और तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। एसडीएम अशोक डेहरिया ने भवन की स्थिति को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ जांच और एफआईआर की मांग की है।