सागर- रिटायर्ड इंजीनियर से नौकरी के नाम पर 10.60 लाख की ठगी! निगम कर्मचारियों ने दिया नौकरी का झांसा
सागर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि ठगी का शिकार कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि नगर निगम के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री यानी ईई बने हैं। आरोप है कि नगर निगम के दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों ने उनके दोनों बेटों की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख 60 हजार रुपए हड़प लिए। अब मामला पुलिस तक पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक राजीव नगर वार्ड निवासी पूरन लाल अहिरवार नगर निगम सागर में ईई पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके दो बेटे योगेश और जितेंद्र अहिरवार नौकरी की तलाश में थे। इसी दौरान नगर निगम से जुड़े अहफाज हुसैन और आरिफ खान ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि उनकी पहचान भोपाल निवासी मुजीब खान से है, जो सरकारी विभागों में नौकरी लगवा सकता है।
आरोपियों ने नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल में विभिन्न पदों पर भर्ती होने का दावा करते हुए पहले 6 लाख रुपए एडवांस मांगे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में रकम जमा कराई गई। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच कुल 10 लाख 60 हजार रुपए आरोपियों को दिए गए। बदले में दोनों युवकों के दस्तावेज भी ले लिए गए। आरोपियों ने मैसेज भेजकर यह तक दावा कर दिया कि दोनों बेटों की नौकरी लग चुकी है और जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी हो जाएंगे। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो नियुक्ति पत्र आया और न ही पैसे वापस मिले। जब पूरन लाल अहिरवार ने रकम लौटाने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया, लेकिन पैसा वापस नहीं किया।
पीड़ित का आरोप है कि तीनों आरोपी संगठित तरीके से सरकारी नौकरी का लालच देकर लोगों से ठगी करते हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस गिरोह ने और लोगों को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया। सरकारी नौकरी की चाहत में लोग अक्सर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। लेकिन जब सरकारी संस्थानों से जुड़े लोग ही इस तरह के आरोपों में घिर जाएं, तो सवाल और भी गंभीर हो जाते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पीछे की पूरी सच्चाई कब सामने आती है।