सागर-भू-माफियाओं का प्लाटिंग साम्राज्य! अवैध कॉलोनियों का जाल, प्रशासन पर उठे सवाल | SAGAR TV NEWS |
सागर शहर में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं का नेटवर्क एक बार फिर सुर्खियों में है। कृषि भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने का खेल लगातार फैलता जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर हालात जस के तस बने हुए हैं। सागर जिले के बाघराज वार्ड के पंडापुरा तिली क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवैध प्लाटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं हाल ही में जमीन विवाद में एक बुजुर्ग की मौत के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना में एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने शिवराज शुक्ला, आनंद गुप्ता और उनके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब इन आरोपियों के कथित अवैध प्लाटिंग कारोबार को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के बाघराज वार्ड के पंडापुरा तिली इलाके में लंबे समय से कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटों में बदलकर बेचा जा रहा है। नियमों को दरकिनार कर ग्रीन लैंड और कृषि भूमि पर प्लाटिंग किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि कई लोगों ने इन कथित भू-माफियाओं के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई थीं। चकराघाट वार्ड निवासी सोनी परिवार ने नगर निगम आयुक्त को आवेदन देकर अपनी जमीन पर अवैध कब्जे और धमकी देने के आरोप लगाए थे। हालांकि शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शिकायतों पर प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। अब जब जमीन विवाद से जुड़ा मामला हत्या तक पहुंच चुका है, तब अवैध प्लाटिंग के पूरे नेटवर्क की जांच की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाता, तो शायद ऐसे गंभीर विवादों की नौबत नहीं आती। लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि अवैध कॉलोनियों, प्लाटिंग और कब्जों की व्यापक जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सागर में भू-माफियाओं और अवैध प्लाटिंग के आरोपों ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। एक बात तय है कि जमीन विवाद से हुई मौत के बाद अब अवैध प्लाटिंग का मुद्दा शहर में बड़ा जनचर्चा का विषय बन चुका है।