Sagar- हाईवे पर बन रहे ओवरब्रिज इंजीनियरों की प्रयोगशाला, बमोरी पर 90 डिग्री का अंधा मोड
सागर से गुजरने वाले nh -44 पर तैयार हो रहे ओवरब्रिज में एक के बाद एक खामियां सामने आ रही हैं। इस एक हाइवे पर ब्लैक स्पॉट लगभग समान, लेकिन इंजीनियर्स ने ओवरब्रिज की डिजाइन अलग-अलग तैयार की हैं। नतीजा हादसों का खतरा कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ गया है। देवरी, - सुरखी, बरोदियाकलां में फोरलेन की सिंगल लेन पर ब्रिज बनाए हैं, जबकि तीनों जगह मोड़ हैं।
वहीं बम्हौरी चौराहे पर सिंगल - अंडरपास बनाया गया है, जिससे निकलकर 90 डिग्री का अंधा मोड बन गया है। यहां से बड़े वाहनों को निकलकर मोड़ने में परेशानी होगी, जाम की स्थिति बनेगी। इन चारों ही जगह पर ब्रिज के एक ओर ही सर्विस रोड बनाई गई है। कुल मिलाकर इंजीनियर्स ने इस हाइवे को प्रयोगशाला बना दिया है।
दरअसल, एनएचएआई जिले की सीमा में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के 152 किलोमीटर लंबे हिस्से में चिन्हित ब्लैक स्पॉट समाप्त करने 14 ओवरब्रिज तैयार कर रहा है, जिसकी लागत 215 करोड़ रुपए के करीब है।
यहां बन रहे 14 ओवरब्रिज -: बरोदियाकलां, झीकनी घाटी, मोठी फाटक, बाछलोन, बम्हौरी चौराहा, बिलहरा तिराह्य, सुरखी स्टार्टिंग पाइंट, सुरखी एंडिंग पाइंट, गौरझामर-केसली चौराहा, गौरझामर एंडिंग पाइंट, देवरी स्टार्टिंग पाइंट, देवरी-रहली मार्ग, देवरी एंडिंग पाइंट व महाराजपुर शामिल है,