Sagar-नौरादेही बनेगा चीतों का नया ठिकाना, चीता चौपाल से ग्रामीणों का भरोसा जीतने में जुटा वन विभाग
मध्यप्रदेश में कूनो नेशनल पार्क के बाद अब वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व को चीतों के नए घर के रूप में विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। चीतों के आगमन से पहले वन विभाग स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि चीता संरक्षण को लेकर फैली भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर किया जा सके।
इसी उद्देश्य से नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने चीता चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत वन विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों और बच्चों को चीतों के व्यवहार, उनके महत्व तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी जानकारियां दे रही हैं। चौपालों के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि चीता और अन्य वन्यजीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका संरक्षण मानव जीवन के लिए भी जरूरी है।
दरअसल, चीता स्थापना कार्यक्रम के अगले चरण में चीतों को उनके तीसरे भारतीय आवास के रूप में नौरादेही टाइगर रिजर्व में बसाने की योजना है। इसे ध्यान में रखते हुए रिजर्व क्षेत्र और आसपास के गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना और वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है।
‘चीता चौपाल’ के दौरान वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शॉर्ट फिल्म, पावरपॉइंट प्रजेंटेशन तथा संवाद सत्रों के जरिए ग्रामीणों को चीता संरक्षण, जैव विविधता और वनों के महत्व के बारे में जानकारी देते हैं। कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है, जिसमें सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाता है।
विशेष बात यह है कि इस अभियान के संचालन की जिम्मेदारी टाइगर रिजर्व में पदस्थ 30 से अधिक वनरक्षकों और दैनिक श्रमिकों को सौंपी गई है। उन्हें पिछले एक महीने से चरणबद्ध तरीके से पब्लिक स्पीकिंग, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।