माँ दुनिया में नहीं शराबी पिता पीटता है जानवरों जैसा, पांच मासूम घर छोड़कर भागे, फिर पुलिस को मिले
माँ की जान चली गयी पिता शराबी है जो आये दिन मासूम बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें प्रताड़ित करता। इसी से तंग आकर पांच बच्चों ने घर छोड़ने का फैसला किया और एक साथ निकल पड़े। लेकिन बच्चे बदहवास थे तपती दोपहर में नंगे पाँव भूख-प्यास से बेचैन थे। बच्चों के पैरों में छाले पड़ गए थे। जिसके बाद पुलिस का मानवीय चेहरा देखने को मिला। यह मामला ग्वालियर जिले के घाटीगांव थाना क्षेत्र का है। जहां नेशनल हाईवे पर गश्त के दौरान ये बच्चे इस हाल में मिले थे। सबसे पहले पुलिस ने बच्चों को खाना खिलाया। इसके बाद नए कपड़े और जूते-चप्पल दिलाये। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क कर बच्चों को उनके सुपुर्द किया गया।
बता दें की शराबी पिता की हर रोज की प्रताड़ना से तंग आकर बच्चे घर से भाग गए थे। जो तपती दोपहर में पांव चलते-चलते बुरे हाल में थे। आरोन से घाटीगांव स्थित AB रोड पहुंच गए। तभी पुलिस की इन पर नज़र पड़ी। जहां बच्चों का रेस्क्यू किया गया।
बच्चों ने घाटीगांव पुलिस को बताया की पांच साल पहले उनकी मां का देहांत हो चुका है। जिसके बाद से पिता रोज शराब के नशे में धुत्त रहते हैं और घर आकर बेरहमी से पिटाई करते हैं। पांचों भाई-बहनों में सबसे बड़ा भाई 12 साल का है सबसे छोटी 6 साल की बहन है जिन्हे लेकर भाई हाईवे पर पहुँच गया। लेकिन उसी दौरान घाटीगांव थाना प्रभारी पूरन शर्मा और पुलिस मोबाइल टीम वहां से गुजर रही थी। जब बच्चों को उन्होंने इस हाल में देखा तो थाना प्रभारी को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल गाड़ी रुकवाकर बच्चों से बात की। इसके बाद उन्हें घाटीगांव थाने लेकर पहुंचे। सबसे पहले बच्चों को खाना खिलाया। बच्चों के पैरों में छाले पड़ गए थे।
जिस पर थाना प्रभारी ने तुरंत पुलिस कर्मियों को बच्चों के साथ बाजार भेजा और खुद के खर्च पर सभी बच्चों को नए कपड़े, जूते और चप्पलें दिलवाईं। संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने परिवार की जानकारी जुटाई। और बच्चों के दादा-दादी से संपर्क कर उन्हें ग्वालियर बुलाया है। उनके आने तक बच्चों को अस्थायी और सुरक्षित रूप से घाटीगांव में ही रहने वाले उनके सगे चाचा के सुपुर्द किया गया है। जबकि पुलिस बच्चों के पिता के खिलाफ भी कार्यवाई की तैयारी में थी।