चलती ट्रेन से कूदे यात्री, दूसरी ट्रेन की चपेट में आए 4 लोगों की मौत, आग लगने की अफवाह
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक रेल हादसे की खबर सामने आई है। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह ने ऐसा खौफ पैदा किया कि कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूद पड़े। लेकिन उन्हें क्या पता था कि दूसरी पटरी पर मौत उनका इंतजार कर रही है। दूसरी ओर से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मुरैना जिले के सरायछौला थाना क्षेत्र स्थित हेतमपुर रेलवे स्टेशन के पास रविवार दोपहर हुआ। बताया जा रहा है कि उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी यात्री के मोबाइल फोन में आग लगने की बात फैली। देखते ही देखते ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई और यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। इसी दौरान कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे कूदने लगे। लेकिन दूसरी पटरी पर आगरा की ओर से तेज गति से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस ने चार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में आगरा निवासी 35 वर्षीय आफरीन, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, 60 वर्षीय शकुंतला परमार और राजस्थान के बीकानेर निवासी 60 वर्षीय विरमा देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही सरायछौला थाना पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई और राहत एवं जांच कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन में आग लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई है और पूरा हादसा एक अफवाह के कारण हुआ। मुरैना का यह हादसा एक बार फिर बताता है कि अफवाहें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। कुछ ही मिनटों की दहशत ने चार लोगों की जिंदगी छीन ली और कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। फिलहाल पुलिस और रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।