सागर- मेरी नहीं तो किसी और की नहीं, एकतरफा प्यार में नर्स की हत्या, 4 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार
सागर जिले में चार महीने पहले हुई नर्स दीपशिखा चढ़ार की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह नर्स से एकतरफा प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। जब नर्स की शादी दूसरी जगह तय हो गई और उसने शादी से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। 26 वर्षीय दीपशिखा चढ़ार पिछले करीब दो वर्षों से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर कार्यरत थीं। 4 फरवरी की रात उनकी ड्यूटी थी और वे अपने किराए के कमरे से पैदल अस्पताल जा रही थीं। जैसे ही वे अस्पताल के गेट के पास पहुंचीं, आरोपी सुशील चढ़ार ने उनका रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर उसने कट्टे से फायरिंग कर दी। तीन गोलियां चलाई गईं, जिनमें से दो दीपशिखा की पीठ में लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतका रिश्तेदार थे। सुशील, दीपशिखा से एकतरफा प्रेम करता था और लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। लेकिन परिवार और रिश्तेदारी के कारण यह रिश्ता संभव नहीं था। इसी बीच दीपशिखा की शादी दूसरी जगह तय हो गई। आरोपी यह बात बर्दाश्त नहीं कर पाया। पूछताछ में उसने कहा, "वह मेरी नहीं हो सकती, तो किसी और की भी नहीं हो सकती।" इसी सोच के चलते उसने हत्या की साजिश रची।
हत्या के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा। वह इंदौर, मुंबई, अहमदाबाद और पीथमपुर में छिपकर रहा। उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। जब पुलिस तकनीकी रूप से आरोपी तक नहीं पहुंच सकी, तब मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी अपनी बीमार मां से मिलने गांव आ रहा है। पुलिस ने जबलपुर के मुड़िया गांव में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी के चचेरे भाई सौरभ चढ़ार की भूमिका भी सामने आई, जिसने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। एकतरफा प्यार और जुनूनी सोच ने एक होनहार नर्स की जिंदगी छीन ली। यह घटना एक बार फिर बताती है कि अस्वीकार को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता कितनी खतरनाक हो सकती है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।