सागर का नया जिला अस्पताल सिरोंजा में बनेगा, 500 बेड के हॉस्पिटल की तैयारी शुरू | SAGAR TV NEWS |
सागर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सागर का नया जिला अस्पताल अब सिरोंजा में आकार ले सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। सिरोंजा में 25 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है।
इसमें से फिलहाल करीब 12 एकड़ जमीन चिन्हित की है। यहां 500 बिस्तर (बैड) का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने का खाका खींचा गया है, जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है, एजेंसी तय होने के बाद काम शुरू होगा। वर्तमान जिला अस्पताल 450 बैड का है। इसे बीएमसी में मर्ज करने का निर्णय शासन स्तर पर हो चुका है। हाल में जिला अस्पताल का ब्लड बैंक बीएमसी को हैंडओवर किया गया था।
जिला अस्पताल को बीएमसी में मर्ज करने का मुद्दा आज का नहीं है, बल्कि यह सालों से अधर में लटका हुआ था। साल 2009-10 में जब बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, तभी से इसके संचालन और मान्यता के लिए जिला अस्पताल के मर्जर की कवायद शुरू हुई थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के नियमों के तहत कॉलेज को शुरुआत में जिला अस्पताल की जरूरत थी। साल 2018-19 में शासन स्तर पर मर्जर की फाइल तेजी से दौड़ी। कई बार स्थानीय स्तर पर सहमति बनी, डॉक्टरों और स्टाफ के संविलियन को लेकर आपत्तियां आईं और निर्णय अटक गया। आखिरकार सभी अड़चनों को दूर करते हुए कैबिनेट ने पुराने जिला अस्पताल परिसर को बीएमसी को सौंपने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
सिरोंजा में 500 बेड का नया अस्पताल बनने से सागर और आसपास के जिलों को भी समय पर उचित इलाज मिलने लगेगा। सिरोंजा, मकरोनिया और मुख्य शहर को दो तरफ से जोड़ता है। मकरोनिया की तरफ से यह नरसिंहपुर रोड से जुड़ता है, तो वहीं शहर की तरफ से मोतीनगर, तिली से होते हुए नए आरटीओ मार्ग से बम्हौरी रोड को कनेक्ट करता है। 4 लाइन से लगे होने की वजह से कनेक्टिविटी चरी तरफ से होगी हाईवे और फोरलेन के नजदीक होने से ग्रामीण क्षेत्रों या बाहरी हाईवे से आने वाले गंभीर मरीजों (जैसे एक्सीडेंटल केस) को बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे और तुरंत इलाज मिल सकेगा। 12 एकड़ की जगह होने के कारण यहां बड़े पार्किंग लॉट, डॉक्टरों के लिए आवास, आधुनिक मॉड्यूलर ओटी, बड़ा ट्रॉमा सेंटर और अत्याधुनिक जांच मशीनें एक ही छत के नीचे स्थापित की जा सकेंगी।