Sagar-मोहर्रम पर राहतगढ़ ने दी भाईचारे की मिसाल ! हजारों लोगों की मौजूदगी में निकला भव्य ताजिया जुलूस
सागर जिले के राहतगढ़ नगर में मोहर्रम का पर्व इस बार आस्था, अनुशासन और गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर के साथ मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकले भव्य ताजिया जुलूस ने न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की भी मिसाल पेश की।
शुक्रवार को निकले ताजिया जुलूस में मुस्लिम समाज के हजारों लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ भाग लिया। जुलूस नगर के झंडा चौक, बुधवारा, पुराना थाना सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर कर्बला मैदान पहुंचा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों का विसर्जन बीना नदी में किया गया।
जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों ने लाठी, तलवार, फरसा और अन्य पारंपरिक हथियारों के आकर्षक करतबों का प्रदर्शन किया। इन हैरतअंगेज प्रस्तुतियों को देखने के लिए शहरभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सड़क के दोनों ओर और मकानों की छतों पर लोगों की भीड़ नजर आई।
पूरे आयोजन के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं, बुजुर्गों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनुशासन और संयम के साथ पूरा आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
वहीं प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाएं भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की व्यापक तैनाती की गई थी।
एसडीएम रोहित वर्मा, तहसीलदार निर्मल सिंह राठौर, एसडीओपी योगेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया सहित कई अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
राहतगढ़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज और प्रशासन साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं, तो त्योहार केवल परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक एकता की पहचान बन जाते हैं।