जान हथेली पर रखकर उफनते नाले को पार कर रहे लोग, एक गलती से हो सकती है बड़ी घटना
एक मशहूर कहावत है की आ बैल मुझे मार, जो कई बार सटीक बैठती है। इसी तरह झमाझम बारिश के बाद बाढ़ हालात बन गए। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है लेकिन लोग जान मुसीबत में डालकर पुल को पार करते हुए नज़र आये। जबकि एक छोटी सी चूक से बड़ा हादसा भी हो सकता था। ये नज़ारा एमपी के बुरहानपुर जिले का है। जहां लगातार हो रही झमाझम बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं। घाघरला और डालमहू गांव के बीच स्थित पुल पर तेज बहाव के साथ पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। जिससे आवागमन प्रभावितहुआ। लेकिन ग्रामीण और अन्य राहगीर जान जोखिम में डालकर पुल पार करते नज़र आये।
ग्रामीणों की माने तो ये कोई पहली दफा नहीं है बल्कि हर साल यही समस्या बनती है। जिसका स्थाई समाधान अभी तक नहीं किया जा सका है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण का कहना है की सड़क का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन पुल की ऊंचाई कम होने से थोड़ी सी तेज बारिश में ही पानी पुल के ऊपर से बहने लगता है और बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इससे घाघरला और डालमहू समेत आसपास के गांवों का संपर्क कई घंटों तक टूट जाता है।
बताया गया की लोगों को पुल से पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है या जान जोखिम में डालकर पुल पार करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को होती है। ग्रामीणों ने कहा की पुल की ऊंचाई करीब पांच फीट बढ़ा दी जाए तो बारिश का पानी आसानी से नीचे से निकल सकेगा और पुल पर जलभराव की समस्या भी खत्म हो जाएगी। पुराने पुल की जगह नया पुल बनाने कीमांग की गयी ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।------