Sagar- थकान, उल्टी जैसा मन...लिवर डैमेज के हो सकते संकेत, नई रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
भारत में लिवर से जुड़ी बीमारियों को लेकर एक नई रिसर्च ने चिंता बढ़ा दी है. सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीम ने हेपेटाइटिस D वायरस पर दो साल तक अध्ययन किया. इसके नतीजे अब अमेरिकी जनरल में पब्लिश हुए हैं. रिसर्च में पता चला कि हेपेटाइटिस B से संक्रमित मरीजों में हेपेटाइटिस D संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. हेपेटाइटिस D अकेले नहीं फैलता, लेकिन हेपेटाइटिस B के साथ मिलकर लिवर को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा हो सकती है.
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की रिसर्च वैज्ञानिक नीतू मिश्रा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर सुमित रावत और उनकी रिसर्च टीम के इस शोध को अमेरिका के प्रतिष्ठित World Journal of Gastroenterology में पब्लिश किया गया है. जो दुनिया की 177 देश में पढ़ा जाता है.
डॉक्टर सुमित रावत ने बताया कि लीवर की सूजन आने की वजह से पाचन क्रिया प्रभावित होती है. इसको ही हेपेटाइटिस कहा जाता है. यह वाइरस पांच तरह के होते हैं. इनमें से चार पर भारत में खूब रिसर्च की गई लेकिन जो हेपेटाइटिस डी होता है. उस पर विस्तृत अध्ययन नहीं हुआ इसी को देखते हुए हमारी टीम ने इस पर पिछले दो साल से काम किया
जब यह संक्रमण बी होता है तो उनमें कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं. अगर उनमें संक्रमण बी और डी एक साथ हो जाए तो उनमें लक्षण आ सकते हैं. हरारत रहना, थकावट रहना, भूख कम हो जाना, उल्टी की इच्छा रहना, पेट में भारीपन महसूस होना. इस तरह की प्रॉब्लम उनको आने लगते हैं. जब इस तरह की लक्षण दिखाई दें तो ऐसे लोगों को हेपेटाइटिस बी और डी दोनों की जांच करवानी चाहिए.