Sagar- देर रात तक निकले ताजिए और हुए अखाड़ों के प्रदर्शन, खुरई में मोहर्रम पर उमड़ा जनसैलाब
मोहर्रम पर्व पर सागर जिले के खुरई शहर में आस्था, परंपरा और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। इमाम हुसैन की शहादत और उनके त्याग व बलिदान की याद में शहर में देर रात तक ताजिया जुलूस निकाले गए। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इस आयोजन में शामिल हुए और पूरे श्रद्धाभाव के साथ मोहर्रम की रस्में अदा की गईं। मोहर्रम पर्व के अवसर पर खुरई शहर में ताजियों का भव्य जुलूस निकाला गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले ताजिए झंडा चौक पर एकत्रित हुए, जहां धार्मिक और पारंपरिक गतिविधियों का विशेष आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल के बीच लोग इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते नजर आए।
जुलूस के दौरान अखाड़ों द्वारा हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किए गए। युवाओं ने पारंपरिक कला और शौर्य प्रदर्शन के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई। इन करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरा क्षेत्र "या हुसैन" की सदाओं से गूंजता रहा। इसके बाद शहर के सभी ताजियों को तालाब स्थित कर्बला पहुंचाया गया, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को ठंडा किया गया। जानकारी के मुताबिक शहर के 24 ताजियों के साथ सुमरेरी से आए एक ताजिए को भी खुरई तालाब में ठंडा किया गया।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए थे। तालाब मंदिर घाट और अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। एसडीओपी और थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। मोहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर शहर में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर पेश की।