Sagar- इलाज के बाद 19 महीने के मासूम की चली गई आंखों की रोशनी, बंडा अस्पताल पर बड़ा आरोप !
सागर जिले के बंडा से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। दावा किया जा रहा है कि इस कथित लापरवाही के कारण महज 1 साल 7 महीने के मासूम की आंखों की रोशनी चली गई। मामले ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, भूसा कमलपुर गांव निवासी इन्द्राज विश्वकर्मा अपने बेटे विनय विश्वकर्मा को 29 मई 2026 को इलाज के लिए बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्चे को सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत थी। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बच्चे का परीक्षण किया और कुछ दवाइयां, आई ड्रॉप, सिरप और इंजेक्शन दिया।
परिजनों का आरोप है कि दवाइयों के बाद बच्चे की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई। करीब तीन से चार घंटे अस्पताल में रुकने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद बच्चे को गंभीर हालत में जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया। सागर से मामला भोपाल एम्स पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच की। पीड़ित पिता का आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि बच्चे की आंखों की रोशनी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। परिवार का कहना है कि अब उनका बेटा दुनिया नहीं देख सकता।
पीड़ित पिता इन्द्राज विश्वकर्मा ने बंडा थाने में शिकायत देकर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वे डॉक्टर को चेहरे से पहचानते हैं लेकिन नाम नहीं जानते। हालांकि, इस पूरे मामले में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की जांच अभी जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?