Sagar - 7 साल बाद संयोग, आषाढ़ की शुरुआत-समापन मंगलवार से, इस तरह से करे पूजन तो सफल होगी मनोकामना
इस वर्ष आषाढ़ माह एक विशेष संयोग लेकर आ रहा है। आषाढ़ महीने की शुरुआत 30 जून को मंगलवार से होगी और समापन भी मंगलवार को ही होगा।
यही कारण है कि पूरे माह में पांच मंगलवार पड़ेंगे। हिंदू पंचांग के जानकारों के अनुसार ऐसा संयोग करीब 7 वर्ष बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 2019 में भी आषाढ़ मास मंगलवार से शुरू होकर मंगलवार को ही समाप्त हुआ था, तब भी पूरे माह में पांच मंगलवार पड़े थे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी माह में किसी वार का पांच बार पड़ना विशेष माना जाता है। इस बार आषाढ़ मास में पांच मंगलवार पड़ने से श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर उत्साह है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह कोई दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि पंचांग और कैलेंडर की गणना से बनने वाला स्वाभाविक संयोग है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से इसे साधना, उपासना और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभमाना जाता है।
सागर के ज्योतिष आचार्य एवं कुंडली विशेषज्ञ पंडित शोभित शास्त्री महाराज बताते हैं कि मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह, भगवान हनुमान और शक्ति उपासना से माना गया है। वहीं आषाढ़ मास देवशयनी एकादशी का माह होने के कारण विशेष पुण्यदायी माना जाता है। ऐसे में पांच मंगलवार का संयोग श्रद्धालुओं को हनुमान भक्ति, सुंदरकांड पाठ, मंगल दोष निवारण और सेवा-कार्य के अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किए गए जप, तप, दान और सेवा कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।