sagar- चलती बाइक में साड़ी का पल्लू टायर में फंसा, सड़क पर तड़पती रही मां, मदद को कोई नहीं आया |
सड़क पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक तस्वीर खुरई से सामने आई है, जहां एक मां की जिंदगी सिर्फ इसलिए खत्म हो गई क्योंकि हादसे के बाद समय पर उसे मदद नहीं मिल सकी। चलती बाइक में साड़ी का पल्लू फंसने से महिला सड़क पर गिर गई, बेटा मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन गुजरते वाहन चालकों में से कोई नहीं रुका। सवाल यही है... अगर कोई एक व्यक्ति भी रुक जाता तो क्या एक मां की जान बच सकती थी?
यह दर्दनाक हादसा सागर जिले के खुरई-सागर नेशनल हाईवे पर आचार्य विद्यासागर तिराहे के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक छतरपुर जिले के बम्होरी गांव निवासी अखलेश लोधी अपने बेटे सूर्यांश लोधी के साथ बाइक से खुरई के पथरिया जैगन गांव जा रही थीं, जहां उन्हें रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होना था। रास्ते में अचानक महिला की साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले टायर में फंस गया। पल्लू तेजी से टायर में लिपटा और देखते ही देखते महिला का संतुलन बिगड़ गया। साड़ी का कपड़ा गले और शरीर में फंसने से वह चलती बाइक से नीचे जा गिरीं।
हादसे के बाद उनका बेटा सड़क पर खड़ा होकर लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा। वह गुजर रहे वाहन चालकों से हाथ जोड़कर कहता रहा कि उसकी मां को अस्पताल पहुंचा दें, लेकिन कोई नहीं रुका। कुछ देर बाद डायल-112 मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है... क्या हमारी संवेदनाएं इतनी कमजोर हो गई हैं कि सड़क पर तड़पते इंसान की मदद करने से भी हम पीछे हटने लगे हैं? एक मां चली गई... लेकिन पीछे छोड़ गई कई सवाल।