कलेक्टर के अचानक दौरे में स्कूल से अस्पताल तक मिलीं अव्यवस्थाएं, अधिकारियों की लगी क्लास
जब कलेक्टर प्रताप नारायण यादव बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। स्कूलों से लेकर अस्पताल तक अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए। कहीं स्कूलों में साफ-सफाई की कमी मिली, तो कहीं अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी ने कलेक्टर का पारा चढ़ा दिया।
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया में उस समय हड़कंप मच गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सबसे पहले पथरिया के मॉडल स्कूल और एमएलबी स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने कक्षाओं, परिसर और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्कूलों में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। साथ ही नियमित टाइम-टेबल व्यवस्था भी सही नहीं पाई गई। इस पर कलेक्टर ने प्रभारी प्राचार्यों को कड़ी फटकार लगाते हुए दो सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर का काफिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। यहां निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इतना ही नहीं, एक डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित भी मिला, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की।कलेक्टर ने बीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी कि यदि अगले निरीक्षण में दोबारा इसी तरह की अनियमितताएं मिलीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस अचानक निरीक्षण के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि कलेक्टर की इस कार्रवाई से अब व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिल सकता है।