Sagar-जवाहर पुल पर किया चक्का जाम,गौ सेवकों का फूटा गुस्सा, मांगों को लेकर सड़क पर उतरे
सागर जिले में मंगलवार को गौ सेवकों और विभिन्न हिंदू संगठनों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। लंबे समय से शासन-प्रशासन को आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए संगठनों ने खिमलासा के पास ग्राम गाड़ोली स्थित जवाहर पुल पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और क्षेत्र में कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में विभिन्न हिंदू, सामाजिक और गो सेवा संगठनों के साथ भगत सेना, बजरंग दल और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी चार प्रमुख मांगों को सामने रखा। पहली मांग जिलेभर में गोचर भूमि मुक्त अभियान चलाकर गो माता और शासकीय जमीनों से अतिक्रमण हटाने की रही।
दूसरी मांग देवल गो अभयारण्य, जिसकी कुल भूमि करीब 3614 एकड़ बताई गई, उसके पुनर्निर्माण और दोबारा संचालन को लेकर उठाई गई। तीसरी मांग ग्राम खेराई के लगभग 30 अहिरवार परिवारों की जमीन और ग्राम भेलैया की शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराने की रही। वहीं चौथी मांग सिवनी मालवा में 14 गौ रक्षकों को मिली आजीवन कारावास की सजा पर पुनर्विचार करने की रखी गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले में गोचर भूमि पर कथित अतिक्रमण के कारण गौवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। साथ ही खेराई गांव में गरीब परिवारों की जमीनों पर कथित कब्जे के मामले में भी लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। चक्का जाम की सूचना मिलते ही मालथौन तहसीलदार, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। प्रशासन ने मांगों पर एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।