Sagar-ईलाज के बाद आँखों की रौशनी गई, जाँच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले के बंडा स्वास्थ्य केंद्र पर मासूम बच्चे की आंखों की रोशनी जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। इस मामले में परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई थी।
प्रभारी सीएमएचओ डॉ देवेश पटैरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच रिपोर्ट में नेत्र विशेषज्ञों की प्राथमिक रिपोर्ट को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मासूम की आंखों की रोशनी स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से नहीं, बल्कि गंभीर कुपोषण के कारण प्रभावित हुई है।
बताया गया कि बच्चे का जन्म महज सात माह में ही हो गया था। प्रीमेच्योर बेबी होने के कारण वह जन्म से ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था और कुपोषण की जद में भी था। इसी वजह से उसकी आंखों पर गंभीर असर पड़ा और दोनों आंखों की रोशनी प्रभावित हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवार को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं बच्चे के बेहतर इलाज के लिए एम्स के डॉक्टरों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की संभावना को लेकर विशेषज्ञों के साथ विमर्श जारी है।
बता दे की बंडा के भूसा कमलपुर निवासी इंद्रराज विश्वकर्मा 29 मई 2026 को अपने 19 महीने के बेटे विनय को सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत होने पर इलाज के लिए बंडा सिविल अस्पताल लाए थे. जहां उन्होंने ओपीडी पर्ची बनवाकर ड्यूटी पर मौजूद डाॅक्टर को अपने बेटे को दिखाया था. डॉक्टर ने बेटे विनय को देखने के बाद एक आई ड्रॉप, पैरासिटामोल सिरप और एक इंजेक्शन व अन्य दवाइयां दीं थी. जिसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई परिजनों ने आआप लगाया की गलत ड्राप की वजह से उसके आँखों की रौशनी चली गई, इसी के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया था