बारिश में कच्चे मकान की दीवार, बेसमेंट में दबे 3 मजदूर और फिर पहुंचे अस्पताल
लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होती नजर आ रही है। शहर में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट में काम कर रहे तीन मजदूर अचानक मलबे में दब गए। तेज बारिश के बीच बगल के कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई और देखते ही देखते मजदूर मिट्टी और मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मामला एमपी के बालाघाट शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित राम मंदिर गली, कालीपुतली चौक के पास का है। यहां हर्षित पगाड़िया के निर्माणाधीन भवन में बेसमेंट का काम चल रहा था। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगातार बारिश के चलते समीप स्थित एक कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई और सीधे बेसमेंट में जा गिरी।
हादसे के समय बेसमेंट में तीन मजदूर काम कर रहे थे। इनमें 23 वर्षीय नीलेश नगपुरे निवासी नवेगांव, 35 वर्षीय चैतराम सौलखे निवासी नैतरा और 48 वर्षीय मानिक मचाड़े निवासी तिलपेवाड़ा शामिल हैं। अचानक हुए हादसे के बाद तीनों मजदूर मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन मजदूर मानिक मचाड़े की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर कर दिया गया। बाकी दो मजदूरों का इलाज जारी है। सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि बारिश के कारण दीवार ढहने से यह हादसा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लगातार बारिश के बीच यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है कि कमजोर और जर्जर निर्माणों के आसपास सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं।