सरपंच हटाने पर घमासान! अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी कार्रवाई नहीं, पंचों ने लगाए गंभीर आरोप
तहसील में पंचायत राजनीति अब विवादों के केंद्र में आ गई है। यहां सरपंच को हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ पंचों का आरोप है कि बहुमत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही, तो दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मामले में आपत्ति आने के कारण जांच प्रक्रिया जारी है। अब इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल बढ़ा दी है। मामला एमपी के उज्जैन जिले की खाचरोद तहसील की ग्राम पंचायत से जुड़ा है, जहां सरपंच को पद से हटाने के लिए पंचों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जानकारी के अनुसार पंचायत के 14 में से 11 पंचों ने एक साथ हस्ताक्षर कर प्रस्ताव सौंपा और सरपंच को हटाने की मांग की।
लेकिन पंचों का आरोप है कि प्रस्ताव देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उन्हें लगातार तारीख पर तारीख दी जा रही है और मामले को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है। पंचों ने आरोप लगाया कि यदि समय सीमा निकल गई तो पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। इतना ही नहीं, पंचों ने एसडीएम नेहा साहू पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन मामले को उलझाने का प्रयास कर रहा है। नाराज पंचों ने इस पूरे मामले की शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंचाने की बात कही है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर एसडीएम नेहा साहू का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव तो प्रस्तुत हुआ है, लेकिन उसमें शामिल एक पंच के हस्ताक्षर को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित पंच से दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए गए हैं। इसी कारण मामले की जांच खाचरोद थाना पुलिस को सौंपी गई है। अब इस मामले में बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल राजनीतिक खींचतान है या फिर सच में प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी हो रही है? फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।