पहली तेज बारिश में डूबीं सड़कें, जलभराव ने खोली तैयारियों की पोल और फिर मिनी मुंबई तैर गया!
स्वच्छता में देशभर में नंबर-वन का तमगा हासिल करने वाला इंदौर शहर मानसून की पहली तेज बारिश में पानी-पानी हो गया। कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सड़कें तालाब में बदल गईं, गलियां नालों जैसी दिखाई देने लगीं और कई जगह कारें व बाइक पानी में फंस गईं। सोशल मीडिया पर भी जलभराव के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां लोग नगर निगम की व्यवस्थाओं पर तंज कसते नजर आए। इंदौर में शुरू हुई झमाझम बारिश देर रात तक जारी रही और देखते ही देखते शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। भंवरकुआ, विजयनगर, मधुमिलन, निपानिया, अन्नपूर्णा और एमआईजी क्षेत्र समेत कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं। लोगों को घुटनों तक पानी में पैदल चलना पड़ा, जबकि वाहन चालक पानी के बीच रास्ता तलाशते नजर आए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई जगह कारें आधी पानी में डूबी दिखाई दीं, जबकि बाइक सवार अपने वाहन धक्का लगाकर बाहर निकालते दिखे। लोगों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में इंदौर को "मिनी वेनिस" कहना शुरू कर दिया। किसी ने लिखा – "स्वच्छता में नंबर वन, अब जलभराव में भी अव्वल बनने की तैयारी", तो किसी ने कहा – "सड़कें नहीं, पानी में रास्ते खोजने पड़ रहे हैं।" निपानिया मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ में दो कारों के फंसने की तस्वीरें भी सामने आईं। बताया जा रहा है कि कारों में बैठे परिवार बारिश के बीच काफी देर तक मदद का इंतजार करते रहे, लेकिन मौके पर कोई राहत टीम नजर नहीं आई।
वहीं नगर निगम ने दावा किया है कि उसकी ऑरेंज टीम पूरी तरह अलर्ट है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि हर मानसून में बनने वाले ऐसे हालात एक बार फिर शहर की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि बारिश के अगले दौर से पहले व्यवस्थाएं सुधरती हैं या फिर शहर दोबारा पानी में तैरता नजर आएगा।